Monday, January 23, 2017

सिक्केबंदी

ताजपुर जंगल में सब तरफ राजा शेर सिंह द्वारा की गई घोषणा की ही चर्चा थी। कल रात अचानक राजा शेर सिंह ने पुराने 100 और 50 के सिक्को पर प्रतिबन्ध लगा दिया था । उनका कहना था की लोगो ने काला बाजारी करके इन सिक्को को जमा कर रखा है जिससे की महंगाई बढ़ी है और कुछ लोगों ने इन सिक्को के नकली सिक्के भी बना लिए है और सबसे बड़ी बात ये है की पडोसी देश भी इन सिक्को की बदोलत अपने कुछ आतंकियों को इन्हें देकर उनके राज्य में आतंकी वारदात करवाता है। उन्होंने घोषणा की थी की इन सिक्को पर प्रतिबंध लगाने से ये सब गलत काम बंद हो जायेंगे। राजा शेर सिंह ने आगे कहा की इन बंद किये सिक्को के जगह नए दाम के सिक्के बाजार में उतारे जायेंगे, उसको आने में थोडा समय लगेगा और जिन जानवरों के पास ये पुराने सिक्के है वो उन्हें राज्य के कोषागार में जमा करा दे और उनकी जगह पर नए आने वाले सिक्के ले लें। सब जानवर परेशान थे की अब बिना इन सिक्को के वे कैसे अपने रोजमर्रा की चीजे खरीदेंगे क्योंकि ज्यादातर सबके पास 100 और 50 के ही सिक्के होते है।सब जानवर परेशान थे और इसी परेशानी में वे सब अपनी कॉलोनी के सरपंच हरी हिरन के पास पहुंचे। उन सब ने एक सुर में पुछा सरपंच जी हम इस मुसीबत से कैसे निपटे क्योंकी हमारे पास सब 100 और 50 के सिक्के है और नए सिक्के आने में समय लगेगा । इस पर सरपंच हरी हिरन थोडा सोच कर बोला " आप इस बात से तो सहमत होंगे की राजा शेर सिंह जी ने ये साहसी और बहुत कड़ा कदम लिया है जिससे हमारी और हमारे राज्य की भलाई ही होगी।" सबने हरी हिरन के सुर में सुर मिलाकर इसकी सराहना की। थोड़ी देर में कालू कुत्ता बोला "सरपंच जी आपकी बात ठीक है लेकिन जब हमारे पास सिक्के ही नही होंगे तो हम कैसे अपना और अपने बच्चो का पेट पालेंगे क्योंकि बिना सिक्को के हम ना तो कुछ खरीद पाएंगे और ना ही उन्हें कुछ खिला पिला पायेंगे।" सब जानवरों ने कालू कुत्ते की बातो का एक साथ समर्थन किया। अब सरपंच हरी हिरन भी थोड़ी परेशानी में था और उसे भी इस मुसीबत से बाहर निकलने का हल नही मिल रहा था। हरी हिरन ने सबको सांत्वना दी और कहा की वो इसका हल निकाल लेगा और किसी को भी परेशानी नही होने दी जायेगी। इतना सुनकर सब जानवर अपने अपने घर चले गए।शाम को हरी हिरन परेशान से अपने कमरे में टहल रहे थे, उनको परेशान देख उनकी पत्नी बोली "क्या बात है में देख रही हूँ आज आप ज्यादा ही परेशान नजर आ रहे हो?" अपनी पत्नी की बात सुनकर हरी हिरन बोला "हां थोड़ी परेशानी की बात तो है क्योंकि राजा शेर सिंह जी द्वारा जब से पुराने सिक्को को बंद करने का एलान हुआ है तब से सारे जानवर परेशान है की वो अब अपना खाने पीने का और अन्य जरूरी सामान कैसे खरीदेंगे क्योंकि सबके पास ज्यादातर वही सिक्के है।" हरी हिरन की बात सुनकर उसकी पत्नी बोली " बस इतनी बात है लेकिन ये भी तो सोचो की इन सिक्को के बंद करने से हम सबको कितना फायदा होगा।" रही बात परेशानी की तो यदि हम जंगलवासी मिलजुल कर एक दुसरे का सहारा बने तो इस परेशानी को आसानी से पार कर सकते है और अपने जंगल की तरक्की में सहयोग कर सकते है।" इतना कह कर हरी हिरन की पत्नी बाहर चली गई लेकिन हरि हिरन को उसकी मिलजुल कर परेशानी का सामना करने की बात अच्छी लगी और उसको एक युक्ति सूझी । उसने उसी समय पंचायत बुलाई। सब जानवर जमा हो गए थे। हरी हिरन ने पंचायत में जमा जानवरों को संबोधित करना शुरू किया " मित्रो यदि हम मिलजुल कर काम करें तो इस सिक्केबंदी की परेशानी को दूर कर सकते है।" इतना सुनकर कालू कुत्ता बोला " वो कैसे?" इस पर हरी हिरन बोला " देखो हम सब कुछ न कुछ काम करते है और हम सबका काम अलग अलग हे जिससे की हम अपना और अपने बच्चो का जीवन यापन करते है।" इतना सुनकर मनु तोता उतावला होकर बोला "लेकिन हम इससे अपनी परेशानी कैसे दूर कर सकते है?" हरी हिरन थोडा मुस्कराया और बोला "देखो हम ऐसे एक दुसरे की मदद से इस सिक्केबंदी से पार पा सकते है जैसे की गोरी गाय दूध बेचती है और खेमू खरगोश सब्जी उगाता है और यदि हमारे पास सिक्के ना हों तो हम ना दूध खरीद सकते है ना ही सब्जियाँ लेकिन यदि गौरी गाय बिना सिक्को के अपना दूध खेमू खरगोश को दे और वो इसके बदले गौरी गाय को सब्जियाँ दे तो हम बिना सिक्को के आपस में खाने पीने और अन्य रोजमर्रा की चीजे ले सकते है और हमे सिक्को की भी जरूरत भी नहीं पड़ेगी।" सब जानवर चुप थे इतने में मयूरी मोरनी बोली " में समझ गई जैसे की में दुकान चलाती हूँ और मेरे पास हर तरह का सामान है और यदि मुझे कपडे चाहिए तो में अपने सामान को भानु भेड़ को देकर उससे कपडे ले लूंगी जिससे उसकी और मेरी दोनों की जरूरते पूरी हो जायेंगी।" हरी हिरन बोला " बिलकुल सही समझी हो।" हर जानवर को समझ में आ गया था । अब हर जानवर एक दुसरे की मदद कर रहा था और उन्हें सिक्को की जरूरत भी नही थी। राजा शेर सिंह ने जब इस योजना के बारे में सुना तो हरी हिरन को इनाम दिया।

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