दलित
"माँ हम यहाँ क्यों छुपकर बैठे है ?" छोटे राजू ने माँ के आँचल से निकलकर पूछा।उसकी माँ उसे छुपाये हुए एक कोने में बेठी थी।
इसपर माँ ने उसे अंगुली से चुप रहने का इशारा किया और अपनी साँसों को काबू करते हुए बोली "बेटा चुप रहो बाहर दंगा हो रहा है और हिन्दू मुसलमान आपस में लड़ रहे है।"
राजू ने कहा " माँ फिर हम क्यों छुप रहे है क्योंकि हम तो निचली जाती के है, सब लोग हमे दलित दलित कहते है कोई हिन्दू मुसलमान तो कहता नहीं?"
राजू की बाते सुनकर उसकी माँ का गला भर आया और धीरे से बोली "बेटा ये लोग हमे समय के अनुसार इस्तेमाल करते है दंगो में हम हिन्दू मुसलमान होते है और किसी योजना का लाभ लेना हो तो हम नीच जाति के है पिसना दोनों बार हमे ही पड़ता है,तू अभी बहुत छोटा है इन बातो के लिए जब बड़ा होगा तो सब समझ में आ जाएगा|"
उसकी माँ इतना कह कर चुप हो गई और घबराई निगाहों से बाहर देखने लगी और राजू फिर से माँ के आँचल में छुप गया।उसे थोडा तो समझ में आ रहा था की वो लोग इस समाज की कठपुतली है।
"माँ हम यहाँ क्यों छुपकर बैठे है ?" छोटे राजू ने माँ के आँचल से निकलकर पूछा।उसकी माँ उसे छुपाये हुए एक कोने में बेठी थी।
इसपर माँ ने उसे अंगुली से चुप रहने का इशारा किया और अपनी साँसों को काबू करते हुए बोली "बेटा चुप रहो बाहर दंगा हो रहा है और हिन्दू मुसलमान आपस में लड़ रहे है।"
राजू ने कहा " माँ फिर हम क्यों छुप रहे है क्योंकि हम तो निचली जाती के है, सब लोग हमे दलित दलित कहते है कोई हिन्दू मुसलमान तो कहता नहीं?"
राजू की बाते सुनकर उसकी माँ का गला भर आया और धीरे से बोली "बेटा ये लोग हमे समय के अनुसार इस्तेमाल करते है दंगो में हम हिन्दू मुसलमान होते है और किसी योजना का लाभ लेना हो तो हम नीच जाति के है पिसना दोनों बार हमे ही पड़ता है,तू अभी बहुत छोटा है इन बातो के लिए जब बड़ा होगा तो सब समझ में आ जाएगा|"
उसकी माँ इतना कह कर चुप हो गई और घबराई निगाहों से बाहर देखने लगी और राजू फिर से माँ के आँचल में छुप गया।उसे थोडा तो समझ में आ रहा था की वो लोग इस समाज की कठपुतली है।
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