Saturday, November 5, 2016

सच्चाई का सच


सच्चाई का सच

आज टीचर सब बच्चो का होमवर्क चेक करने वाले है और इसी बात पर राजू की बैचेनी बढ़ रही थी | राजू ने जैसे ही क्लास में एंट्री की तो उसने देखा की उसका वातावरण बहुत ही गंभीर था क्योंकि इस पीरियड का टीचर बहुत सख्त था | वो पढ़ाने में तो सख्त था ही साथ में यदि कोई स्टूडेंट उसका होमवर्क नहीं करके लाता था तो वो उसको कड़ी सजा देता था | राजू वैसे तो पढाई में ठीक है लेकिन पिछले हफ्ते उसके चाचाजी की लड़की शादी थी इस कारण वो अपना होमवर्क नहीं कर पाया था | उसने मन ही मन सोचा आज तो ये टीचर मुझे नहीं छोड़ेगा |

कुछ देर में टीचर ने क्लास में कदम रखा तो सब लोग खामोश हो गए | टीचर ने अटेंडेंस ली और फिर वो एक एक करके सबका होमवर्क चेक करने लगा | राजू अब और भी ज्यादा नर्वस हो गया था | राजू कभी भी अपने होमवर्क के बारे में  झूठ नहीं बोलता था लेकिन आज उसकी समझ में कुछ नहीं आ रहा था उसका मन कर रहा था की आज वो कुछ झूठ बोल दे | इतने में उसका नंबर आ गया | टीचर ने उससे होमवर्क की कॉपी मांगी तो राजू ने सही सही बता दिया लेकिन टीचर ने उसकी कोई बात नहीं सुनी और उसकी पिटाई करते हुए बोला की ऐसे बहाने उसने बहुत सुने है | राजू पिटाई से दुखी नहीं था बल्कि उसने जो सच बोला उसके बाद भी टीचर ने उसकी बात नहीं मानी वो उससे दुखी था |

राजू ने सोचा की जब सच्चाई पर भी उसकी पिटाई हुई है तो आगे से वो झूठ ही बोलेगा जिससे की वो पिटाई से बच सके |

अब जब भी कोई काम होता तो राजू झूठ बोल देता था और वो टीचर की पिटाई से बच जाता था | इस कारण अब वो पढाई के प्रति लापरवाह हो गया था क्योंकि उसे पता था की वो झूठ बोल कर बच जाएगा |

राजू के पापा उसको बहुत दिनों से देख रहे थे की राजू पढाई पर ज्यादा ध्यान नहीं दे रहा था और थोडा लापरवाह भी हो गया था | उसके पापा ने जब पूछा तो उसने सब सच बता दिया | अब राजू के पापा भी परेशान हो गये | उन्हें पता था की राजू जो कर रहा था वो गलत था लेकिन उसके टीचर ने जो किया था वो भीं गलत था | राजू के पापा ने राजू और उसके टीचर को एक साथ बैठाया | राजू के पापा ने टीचर को राजू के बारे में सब सच बता दिया | टीचर उनकी बात सुनकर स्तब्ध रह गया | टीचर ने कुछ देर सोचा और फिर राजू के पिता की तरफ मुखातिब होकर बोला “ अब आप ही बताएं की हम कोई बच्चा झूट बोल रहा है या सच इसका पता कैसे लगायें ?” अब स्तब्ध होने की बारी राजू के पिता की थी |

राजू के पिता काफी देर तक सोचते रहे लेकिन उनकी समझ में टीचर के सवाल का जवाब नही आ रहा था |

कुछ देर सोचने के बाद टीचर बोला “ देखिये इस सवाल का जवाब आप तो क्या कोई भी नही दे पायेगा और ये जब से सृष्टि बनी है तब से ही ये सवाल ज्यो का त्यों है इसलिए हमे इसको ऐसे ही छोड़ देना चाहिए और अपनी इन्द्रियों का इस्तेमाल और भी अच्छी तरीके से करना चाहिए और उनके अनुसार अपने अपने कर्म करने चाहिए जैसे की राजू यदि झूठ का साथ देता है तो आपको उसको देखते रहना है की वो कोई ऐसी हरकत तो नही कर रहा जिससे लगे की वो कुछ गलत कर रहा है और यदि वो ऐसा कर रहा है तो उसको आपको टोकना है और उसे सच्चाई पर चलने को कहना है | में भी अपनी इंद्री का और अच्छी तरह से इस्तेमाल करूंगा ताकि जो सच बोल रहा हो उसके साथ अन्याय न हो |”

राजू के पिता अब थोडा संतुष्ट हुए | वे टीचर की बातों से समझ गए थे की सच्चाई का सच पता लगाना मुस्किल है आज के जमाने में

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